तीन पुस्तकों का गरिमापूर्ण लोकार्पण।

तीन पुस्तकों का गरिमापूर्ण लोकार्पण
रोसड़ा। विश्व पुस्तक मेला, प्रगति मैदान नयी दिल्ली में भावना प्रकाशन के स्टाल पर “दि मॉरल” समाचार पत्र के यशस्वी सम्पादक शिवचरण त्रिपाठी द्वारा “लिखित हिन्दी साहित्य समग्र” ऐतिहासिक पुस्तक का लोकार्पण राजधानी कालेज, दिल्ली के प्रोफेसर डॉ. वेद मित्र,वरिष्ठ साहित्यकार आलोचक-कवि डॉ.राहुल, व्यंग्य-लेखक श्री राज़ी एवं डॉ. प्रमिला त्रिपाठी की गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।डॉ.मित्र ने “हिन्दी-साहित्य समग्र” पुस्तक एक नये दृष्टिकोण से रचित नयी विधागत
महत्वपूर्ण कृति बताया।इसी क्रम में,कानपुर के सुप्रसिद्ध कवि -कथाकार उत्तर प्रदेश हिंदी साहित्य संस्थान से ‘साहित्य भूषण ‘ सम्मान से सम्मानित श्री हरीलाल ‘मिलन ‘ की गीत -कृति ‘कितने दिनकर और उगाएँ ‘ का लोकार्पण विश्व पुस्तक मेला ‘ दिल्ली में ‘भावना प्रकाशन ‘ की स्टाल पर संपन्न हुआ। लोकार्पण समारोह में दिल्ली के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ राहुल,डॉ ओम निश्चल,
डॉ .मनीषा गिरी (ग्वालियर) तथा अन्य साहित्यकार उपस्थित थे .डॉ राहुल ने कहा की श्री हरीलाल ‘मिलन ‘ कि यह 13 वीं कृति है . इसके पूर्व महाकाव्य, खंड-काव्य,उपन्यास,कहानी,गीत, ग़ज़ल आदि विधाओं की एक दर्जन पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी है। सद्यः प्रकाशित गीत संग्रह ‘ “कितने दिनकर और उगाएं” में विविध विषयों पर रचित 80 गीत प्रकाशित है। उन्होंने कृति में मानवीय प्रेम के अतिसिक्त सामाजिक,आर्थिक एवं राजनीतिक विसंगतियों एवं परिस्थितियों को गीतों का आधार बनाया है। इस अवसर पर सुप्रसिद्ध साहित्यकार डॉ.राहुल,
बहुचर्चित कवयित्री एवं लेखिका डॉ. मनीषा गिरी,ख्याति-प्राप्त आलोचक डॉ. ओम निश्चल और कथाकार सुधांशु गुप्त की गरिमामयी उपस्थिति प्रशंसनीय रही। साहित्यकार से खचाखच भरी भीड़ के बीच सुप्रसिद्ध भाषा-विद् एवं अनेक उल्लेखनीय पुस्तकों के यशस्वी लेखक राहुल एवं सह-लेखकर डॉ.प्रेम प्रकाश शर्मा द्वारा रचित “आजादी कै गुमनाम नायक” ऐतिहासिक पुस्तक का विमोचन करते हुए प्रख्यात साहित्यकार डॉ. अशोक भाटिया ने कहा कि विद्वान् लेखक डॉ.राहुल ने भारत के स्वातन्त्र्य आन्दोलन में अपना सर्वस्व त्याग और बलिदान करने वाले अमर क्रान्तिवीरों में -से गुमनाम नायकों की रोमांचक गाथा का सचित्र वर्णन किया गया है। इस विमोचन के अवसर पर प्रसिद्ध व्य॔ग्यकार बलराम अग्रवाल और अन्य साहित्यकार भी उपस्थित थे जिन्होंने गौरवपूर्ण कृति के अन्वेषी कथ्य एवं अति-आकर्षक आवरण की भूरि-भूरि प्रशंसा की। यह गुमनाम नायकों के राष्ट्र की आजादी के अपने को समर्पित करने वाले त्यागमय जीवन-सत्य पर पहली पुस्तक है। यह ऐतिहासिक कृति साहित्य भूमि प्रकाशन’, नयी दिल्ली से प्रकाशित है।




