एक्सक्लूसिव खबरेंबिहार

शिवाजीनगर में वीर बाल दिवस पर छात्रों ने की नुक्कड़ नाटक का भावपूर्ण मंचन कलवारा विद्यालय बना देश भक्ति के मिसाल का केंद्र।

शिवाजीनगर में वीर बाल  दिवस पर छात्रों ने की नुक्कड़ नाटक का भावपूर्ण  मंचन, कलवाडा विद्यालय बना देशभक्ति का  मिसाल केन्द्र।

नुक्कड़ नाटक प्रस्तुति का फोटो संलग्न।

शिवाजीनगर। प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय कलवाडा में शुक्रवार को वीर बाल दिवस के अवसर पर भव्य कार्यक्रम का आयोजित किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं के द्वारा एक नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया।अभिनय, नृत्य, गीत, भाषण और मंचीय प्रस्तुति के माध्यम से साहिब जादों देशभक्त की अदम्य साहस और बलिदान को जीवंत कर दिया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर देश भक्ति के रंग में रंगा नजर आया और उपस्थित शिक्षकों व ग्रामीणों ने बच्चों की प्रतिभा की भूरी भूरी सराहना की। कार्यक्रम में सबसे आकर्षक प्रस्तुति ऐतिहासिक पात्रों पर आधारित नाट्य अभिनय रहा। बाबा जोरावर सिंह की भूमिका में अमन कुमार ने अपने सशक्त अभिनय से दर्शकों को भावुक कर दिया, वहीं बाबा फतेह सिंह का किरदार प्रिय रंजन कुमार ने बखूबी निभाया। सरहद के नवाब की भूमिका साकिब कमर और चमकोर के नवाब की भूमिका विकास कुमार के द्वारा निभाई गई। नवाब के मंत्री के रूप में तिलक कुमार ने प्रभावशाली अभिनय किया, जबकि काजी साहब का रोल मनखुश कुमार और सेनापति का रोल कन्हैया कुमार ने निभाकर मंच पर जान डाल दी।इसके अतिरिक्त छात्राओं की प्रस्तुतियों ने भी कार्यक्रम को विशेष बना दिया। अंजना कुमारी द्वारा प्रस्तुत नृत्य ने दर्शकों का मन मोह लिया। सोमाली कुमारी ने देशभक्ति गीत गाकर वातावरण को गर्व और उत्साह से भर दिया। लक्ष्मी कुमारी ने वीर बाल दिवस के महत्व पर प्रभावशाली भाषण दिया, जिसमें उन्होंने साहबजादों  के त्याग  और बलिदान से प्रेरणा लेने का संदेश दिया। वहीं नेहा कुमारी एवं संध्या कुमारी के संयुक्त प्रस्तुतीकरण ने कार्यक्रम को एक सशक्त समापन की ओर अग्रसर किया। इस पूरे कार्यक्रम का नेतृत्व पूर्व बीआरपी सह विद्यालय के प्रधानाध्यापक बालमुकुंद सिंह के द्वारा किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि वीर बाल दिवस हमें यह याद दिलाता है कि देश और धर्म की रक्षा के लिए बच्चों ने भी असाधारण साहस का परिचय दिया है। ऐसे आयोजनों से छात्रों में नैतिक मूल्यों, देशभक्ति और आत्मबल का विकास होता है। उन्होंने बताया कि विद्यालय में इस तरह के कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल सांस्कृतिक प्रस्तुति तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों को अपने इतिहास और गौरवशाली परंपराओं से जोड़ना भी है। कार्यक्रम के दौरान सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे और बच्चों का उत्साहवर्धन  किया।
उधर, प्रखंड के उ मध्य विद्यालय चित्तौड़ा बेला, उ मध्य विद्यालय शंकरपुर,प्राथमिक विद्यालय पुरन्दाही सहित अन्य विभिन्न विद्यालयों में भी वीर बाल दिवस धूमधाम से मनाया गया। इन विद्यालयों में भी बच्चों के द्वारा भाषण, कविता पाठ और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। पूरे प्रखंड में वीर बाल दिवस को लेकर उत्साह का माहौल देखने को मिला। कुल मिलाकर, उत्क्रमित मध्य विद्यालय कलवारा में आयोजित यह कार्यक्रम न केवल बच्चों की प्रतिभा का प्रदर्शन था, बल्कि यह आने वाली पीढ़ी को साहस, बलिदान और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देने वाला एक सशक्त प्रयास भी साबित हुआ।

समाचार के साथ विद्यालय में नुक्कड़ नाटक की मंचन करते छात्र-छात्राओं की फोटो संलग्न है।

Related Articles

Back to top button